पशु सखी बनकर ममता ने संवारा आजीविका का सफर, पशुपालन से बढ़ी परिवार की आय


 फलौदी, 1 अक्टूबर। ग्राम होपार्डी निवासी ममता ने पशु सखी के रूप में कार्य करते हुए न केवल अपनी आजीविका को मजबूत किया, बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी पशुपालन के लिए प्रेरित किया है।


ममता ने 9 अप्रैल 2023 को समूह बनाने के लिए आए सीआरपी टीम से संपर्क किया, जिन्होंने समूह से जुड़ने के फायदे व छोटी छोटी बचत करने को कहा और जरूरत के समय ऋण लेना तथा रोजगार के बारे में बताया। इसके पश्चात ममता ने पशुपालन संबंधी गतिविधियों में रुचि लेते हुए पशु सखी के रूप में कार्य करना शुरू किया।


पशु सखी के रूप में ममता ग्रामीण पशुपालकों को पशुओं के प्राथमिक उपचार, उचित खान-पान, पोषण, स्वच्छता एवं पशुपालन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराती हैं। पशुओं की पहचान कर समय पर उपचार एवं देखभाल संबंधी मार्गदर्शन देने से पशुपालकों को भी लाभ मिल रहा है। ममता के अनुसार, पशु सखी के रूप में कार्य करने से उन्हें लगभग 11,800 रुपये प्रतिमाह आय प्राप्त हो रही है। इससे उनके परिवार की आजीविका को आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने इसके लिए मिली वित्तीय सहायता के लिए राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ