फलोदी,16 अगस्त। जिला अस्पताल फलोदी के डायलिसिस सेंटर की बेहतरीन चिकित्सा सेवाओं और सही मार्गदर्शन से एक 31 वर्षीय मरीज कँवराज सिंह तंवर को नया जीवनदान मिला है। पिछले 8 माह से क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD Stage-5) से जूझ रहे इस मरीज का जिला अस्पताल फलोदी में नियमित रूप से सप्ताह में दो बार डायलिसिस किया जा रहा था।
स्वास्थ्य में सुधार और बेहतर भविष्य के लिए जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. अभिषेक अग्रवाल एवं कैलाश सुथार तथा डायलिसिस विभाग टीम ने मरीज और उनके परिजनों को किडनी ट्रांसप्लांट कराने के लिए प्रेरित किया। लगातार काउंसलिंग और सही मार्गदर्शन के बाद मरीज की धर्मपत्नी ने अपने पति को नया जीवन देने के लिए अपनी एक किडनी दान करने का साहसिक एवं सहयोगात्मक निर्णय लिया।
तमाम आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रियाओं के बाद गत 12 अगस्त 2026 को एम्स अस्पताल जोधपुर (AIIMS Jodhpur) में मरीज का किडनी ट्रांसप्लांट का सफल ऑपरेशन संपन्न हुआ। डॉक्टरों और परिजनों के अनुसार मरीज और दाता (पत्नी) दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और तेजी से रिकवर कर रहे हैं।
परिजन बोले- PMO डॉ. अभिषेक अग्रवाल और डायलिसिस टीम का आभार:
सफल ट्रांसप्लांट के बाद मरीज के परिजनों ने जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक अग्रवाल, कैलाश सुथार और पूरी डायलिसिस टीम का सहृदय धन्यवाद व्यक्त किया है। परिजनों ने बताया कि मेडिकल टीम के मार्गदर्शन, संवेदनशीलता और सतत काउंसलिंग के कारण ही परिवार ट्रांसप्लांट का फैसला ले सका, जिससे मरीज को नई जिंदगी मिली है।
समय पर काउंसलिंग और ट्रांसप्लांट ही स्थाई समाधान:
चिकित्सकों के अनुसार क्रॉनिक रिनल फेलियर (CKD Stage 5) के मरीजों के लिए लंबे समय तक डायलिसिस पर रहने के बजाय 'रिनल ट्रांसप्लांट' एक बेहतर और स्थाई विकल्प होता है। जिला अस्पताल फलोदी में मरीजों के इलाज के साथ-साथ उनके पुनर्वास और आगे के बेहतर इलाज के लिए भी सही मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है, जिससे कई परिवारों में उम्मीद की नई किरण जग रही है।
Aiims जोधपुर ने भी इसके लिए जिला अस्पताल के पीएमओ व पूरी डायलिसिस की टीम को धन्यवाद व शुभकामना संदेश भिजवाया है ।

0 टिप्पणियाँ