पेट्रोलियम उत्पाद अनुआज्ञाधारक डीजल, पेट्रोल एवं मोबिल ऑयल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखें - जिला कलक्टर
फलौदी, 20 अगस्त। आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायत आम चुनाव-2026 को दृष्टिगत रखते हुए जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अंकित कुमार सिंह ने जिले में पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता एवं निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोलियम उत्पाद अनुआज्ञाधारकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिला कलक्टर ने Petroleum Product (Maintenance of Production, Storage & Supply) Order, 1999 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निर्देश दिए कि जिले में कार्यरत सभी पेट्रोलियम उत्पाद अनुआज्ञाधारक डीजल, पेट्रोल एवं मोबिल ऑयल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखें तथा किसी भी राजकीय वाहन अथवा राजनीतिक दल के वाहन को पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध करवाने से इनकार नहीं करें।
पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने वाले उपभोक्ताओं को तत्काल बिल जारी किया जाएगा। जिला मुख्यालय पर डेड स्टॉक के अतिरिक्त 5000 लीटर हाई स्पीड डीजल, 1000 लीटर पेट्रोल एवं 500 लीटर मोबिल ऑयल का आरक्षित स्टॉक रखा जाएगा। वहीं अन्य स्थानों पर 3000 लीटर हाई स्पीड डीजल, 1000 लीटर पेट्रोल एवं 200 लीटर मोबिल ऑयल का स्टॉक आरक्षित रखा जाएगा।
आरक्षित स्टॉक का विक्रय जिला मुख्यालय पर जिला रसद अधिकारी तथा संबंधित उपखंड अधिकारियों/तहसीलदारों के आदेश से ही किया जाएगा। चुनाव कार्य में लगे वाहनों को पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उनके द्वारा अधिकृत अधिकारियों की ओर से जारी कूपन मान्य होंगे।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि पेट्रोलियम उत्पाद की प्राप्ति में किसी प्रकार की कठिनाई होने पर तत्काल जिला रसद अधिकारी अथवा संबंधित तेल कंपनी के सेल्स ऑफिसर को सूचित किया जाए, ताकि समस्या का शीघ्र समाधान किया जा सके।
उन्होंने पेट्रोल एवं डीजल के कूपन संबंधी प्रक्रिया को भी स्पष्ट करते हुए निर्देशित किया कि यातायात/पी.ओ.एल. के प्रभारी अधिकारी द्वारा जारी कूपन के एवज में पेट्रोल पंप संचालक बिल प्रमाणित करवाकर संबंधित अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। उपखंड अधिकारी/तहसीलदार द्वारा जारी कूपन के मामले में संबंधित अधिकारी से प्रमाणित करवाने के बाद ही उन्हें यातायात/पी.ओ.एल. प्रभारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर पंचायत चुनाव सम्पन्न होने तक प्रभावी रहेगा। आदेश की अवहेलना आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध होगी।

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