फलोदी में त्रिदिवसीय दीक्षा महोत्सव का शुभारंभ, प्रथम दिन भक्ति और श्रद्धा का उमड़ा सैलाब


फलोदी। में दीक्षार्थी ओम कुमार हेमल के पावन दीक्षा महोत्सव का भव्य त्रिदिवसीय आयोजन आज से आरंभ हुआ। पहले दिन का कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

आज प्रातः परमात्मा त्रिलोकनाथ श्री महावीर स्वामी के सक्रस्त अभिषेक का दिव्य आयोजन किया गया। मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान पूर्वक विविध औषधियों से युक्त अभिषेक संपन्न हुआ। परमात्मा का पंचामृत — दूध, दही, घी, शहद एवं शक्कर — से अभिषेक किया गया।

अभिषेक के पश्चात पुष्पवृष्टि कर परमात्मा की आराधना की गई। पुष्पवृष्टि से समूचा मंदिर प्रांगण सुगंधित एवं भक्तिमय हो उठा। इस दौरान पूरा जैन समाज फलोदी उपस्थित रहा। श्रावक-श्राविकाओं ने भक्ति-भजनों में लीन होकर परमात्मा की स्तुति की।

भजनों की मधुर स्वर लहरियों से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। छोटे-बड़े, महिला-पुरुष सभी ने एक स्वर में परमात्मा भक्ति में भाग लिया। आयोजन में फलोदी जैन समाज की एकजुटता और श्रद्धा देखने योग्य थी।

यह संपूर्ण समारोह दिव्य तपस्वी परमपूज्य आचार्य देव श्रीमद् विजय हंसरत्नसूरीश्वर जी महाराजा के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। साथ ही प्रवचन प्रभावक तत्व दर्शनसूरीश्वर जी महाराजा एवं गणिवर्य श्री धर्मध्यानी विजय जी महाराजा आदि गुरु भगवंतों की पावन निश्रा में कार्यक्रम सानंद संपन्न हुआ।

गुरु भगवंतों ने अपने मंगल उद्बोधन में संयम जीवन की महिमा और दीक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने दीक्षार्थी ओम भाई को शुभाशीष प्रदान कर संयम मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी।

दीक्षार्थी ओम कुमार हेमल दो दिन पश्चात संयम जीवन अंगीकार करेंगे। इसी क्रम में आज संयम जीवन के वस्त्रों को केसर से रंगने का मंगल कार्यक्रम आयोजित हुआ।

केसर से वस्त्र रंगाई के इस प्रसंग को लेकर समाज में विशेष उत्साह रहा। फलोदी जैन समाज की बहनों, छोटी बच्चियों से लेकर वृद्ध महिलाओं तक ने इसमें सक्रिय भागीदारी निभाई।

सायंकाल दो घंटे का भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें समाज की बहनों एवं बच्चियों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीत, नृत्य नाटिका एवं स्तवन के माध्यम से भगवान महावीर के जीवन दर्शन को जीवंत किया गया।

छोटे बच्चों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। वृद्ध जनों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लेकर समा बांध दिया। पूरे आयोजन में समाज का हर वर्ग एकजुट नजर आया।

आयोजन समिति ने बताया कि यह त्रिदिवसीय महोत्सव पूरी तरह अनुशासन एवं गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। कल दूसरे दिन भी विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

समारोह में आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पधारे। सभी ने दीक्षार्थी ओम भाई के इस मंगलमय निर्णय की सराहना की एवं अनुमोदना की।

फलोदी जैन समाज ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। व्यवस्था में युवाओं की टोली दिन-रात सेवा में लगी रही।

गुरु भगवंतों ने समाज की एकता और धर्म के प्रति समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्रथम दिवस का यह आयोजन अविस्मरणीय रहा।
यह जानकारी श्री जैन तपागच्छ संघ के मीडिया प्रभारी अरुणकुमार कोचर ने दी

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ