फलोदी, 1 अगस्त । हर परिवार में पौधारोपण के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से शुरू किए गए ग्रीन विलेज प्रोजेक्ट के तहत शनिवार को ग्रामीण क्षेत्र के वृक्ष मित्रों का एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन दूसरा दशक कार्यालय में किया गया । ग्रीन विलेज प्रोजेक्ट सौर्य ऊर्जा कंपनी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है ।
मुख्य वक्ता राजस्थान वन सेवा के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी कृष्ण कुमार व्यास ने कहा कि रेगिस्तानी क्षेत्र में पेड़ लगाने से हुआ परिवर्तन स्पष्ट नज़र आता है । भड़ला में तेज धूल भरी आँधियाँ आती थीं । पच्चीस साल पहले दस हज़ार पौधे लगाए । उन पेड़ों का असर अब दिखाई देता है । धूल भरी आँधियाँ बहुत कम आती हैं । सर्दियों में कोहरा भी आने लगा है । ये परिवर्तन उन दस हज़ार पेड़ लगाने के कारण संभव हुआ है । उन्होंने आग्रह किया कि हर खेत की बाड़ के पास पौधे जरूर लगायें । इससे पूर्व परियोजना निदेशक मुरारी लाल थानवी ग्रीन विलेज प्रोजेक्ट की विस्तार से जानकारी दी ।
फलोदी के वृक्ष मित्र राजेश बोहरा ने कहा कि जनसंख्या के अनुपात में पौधारोपण बहुत कम है । तीस हज़ार से अधिक पौधे लगाने की प्रक्रिया में शामिल राजेश बोहरा का कहना था कि यदि सूझबूझ से मेहनत कर सही तरीके से पौधों की देखभाल करें तो हर तरह का पौधा यहाँ की मिट्टी में पनप सकता है ।
सौर्य ऊर्जा के सहायक प्रबंधक मनोज व्यास का कहना था कि हमारी कंपनी की सोच है कि पर्यावरण संरक्षण हेतु व्यापक तौर पर जागरूकता के लिए हर परिवार को पौधारोपण के लिए जागरूक करने की जरूरत है । पौधारोपण के विशेषज्ञ बिंजाराम माली ने पौधे लगाने की प्रक्रिया, सुरक्षा, देखरेख आदि की जानकारी दी । उनका कहना था कि फलोदी क्षेत्र में पौधारोपण के प्रति जबरदस्त जागरूकता आई है । लोग लाखों रुपये के पौधे खरीदने लगे हैं ।
दूसरा दशक की प्रीति राठौड़ ने घरों में सब्जियां लगाने की जरूरत बताते हुवे किचन गार्डन हेतु बीज वितरित किए । ग्रामीण मोहम्मद न्याज, मोयबदीन, रिडमल भाटी, साले मोहम्मद, शकूर आदि ने अपनी बात कही । प्रशिक्षण में अणदाराम, न्याज मोहम्मद, राजेंद्र बोहरा, कमल, इकबाल, अमरू, कुसुम, कंचन थानवी आदि ने सहयोग प्रदान किया ।

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