नवीन आपराधिक विधियों के अंतर्गत डिजिटल प्रक्रियाओं के उपयोग, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार तथा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने सहित अन्य विषयों पर चर्चा
फलौदी,18 जून। जिला एवं सेशन न्यायाधीश चक्रवर्ती महेचा की अध्यक्षता में गुरुवार को नवीन आपराधिक विधियों के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह,पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह,मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हर्ष कुमार, उपनिदेशक अभियोजन ललित शर्मा उपस्थित रहें।
बैठक में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रभावी क्रियान्वयन, विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने नवीन आपराधिक कानूनों के उद्देश्यों एवं प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि इन विधियों का मूल उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं तकनीक आधारित बनाना है। उन्होंने आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रकरणों के निराकरण के लिए नये कानूनों में समय का निर्धारण किया गया है। पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए है। विशेषकर अपराधिक मामलों में तलाशी एवं जप्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई हैं।
इसी तरह पुलिस एवं न्यायालय के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिंक रिपोर्ट समय पर देना होगा। नवीन आपराधिक विधियों के अंतर्गत डिजिटल प्रक्रियाओं के उपयोग, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार तथा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर समीक्षा की गई।
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