शहर के तीन तालाबों के एकीकरण का कार्य अंतिम चरण में

जिला कलक्टर ने अवलोकन करते हुए जानी कार्यों की प्रगति

फलौदी, 22 जून। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत 25 मई से आमजन व भामाशाओं के सहयोग से तीन तालाबों के एकीकरण का कार्य अंतिम चरण में हैं। सोमवार को जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह ने अवलोकन करते हुए कार्यों की प्रगति जानी। साथ ही अंतिम छोर तक तालाबों के एकीकरण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने कहा कि यह परियोजना केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में यह फलोदी की सबसे बड़ी प्राकृतिक धरोहर के रूप में विकसित होगी। उन्होंने श्रम साधना में जुटे स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि जल, जीवन और प्रकृति के संरक्षण की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

तीन तालाबों से आकार ले रही विशाल झील

वर्षों से अलग-अलग अस्तित्व में रहे तीनों तालाबों के बीच मौजूद अवरोधों को हटाकर अब उन्हें एकीकृत किया जा रहा है। लगातार 29 दिनों से चल रही श्रम साधना और मशीनों की मदद से खुदाई कार्य तेज गति से जारी है। तीन हिटाची मशीनों से खुदाई का कार्य किया जा रहा है, वहीं दो जेसीबी मशीनों को कैचमेंट एरिया में फैली विलायती बबूल की कंटीली झाड़ियों को हटाने में लगाया गया है।


अतिक्रमण हटे, बाहर निकली रेत

अभियान के तहत तालाब क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, वर्षों से जमा रेत निकालने और जल प्रवाह मार्गों को सुगम बनाने का कार्य किया गया है। इसके बाद अब तीनों तालाब एक साथ विशाल झील का स्वरूप लेते दिखाई दे रहे हैं। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने तालाब से निकाली गई मिट्टी पर आगामी बारिश के मौसम में पौधरोपण करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि झील क्षेत्र में हरियाली विकसित होने से न केवल वातावरण में सौम्यता आएगी, बल्कि यह क्षेत्र जैव विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण केन्द्र बनेगा।

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