मजदूरी विरोधी चार श्रम संहिताओं को लेकर राज्यव्यापी आव्हान पर कलेक्ट्रेट पर विरोध

मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

फलोदी, 22 जून सेंटर आंफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने राज्यव्यापी आह्वान पर चार श्रम संहिताओं को वापस लेने तथा न्यूनतम वेतन 26000 रूपए प्रतिमाह करने आदि विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

सीटू के जिला अध्यक्ष जयगोपाल मेघवाल ने बताया कि राज्य के लगभग 4 करोड़ मजदूर न्यूनतम वेतन कानून की परिधि में आते हैं। राज्य में न्यूनतम वेतन 1 जनवरी 2023 को बढ़ाया गया था तब से लेकर अब तक न्यूनतम वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। आज भी हमारे राज्य में न्यूनतम वेतन 7410 प्रतिमाह है। इस प्रकार हम पूरे देश के 28 राज्यों में सबसे निचले पायदान 26 नम्बर पर है जो बहुत ही शर्मनाक स्थिति है। हमारे पड़ोसी राज्यों दिल्ली,हरियाणा, उत्तर प्रदेश,में हमारे मुकाबले दो से ढाई गुना अधिक न्यूनतम वेतन है। सेंटर आंफ इंडियन ट्रेड यूनियन मांग करता है कि राज्ये के मजदूरों के लिए 26000 रूपए न्यूनतम वेतन घोषित किया जाए। तथा श्रमिक विरोधी चार श्रम संहिताओं को राज्य सरकार श्रमिकों के हित में अविलंब रद्द करें। राज्य सरकार मजदूरों से 8 घंटे काम करने के आदेश जारी करें तथा अतिरिक्त की स्थितियों में डबल ओवर टाइम देने के लिए फैक्ट्री मालिको को पाबंद करें।

इस अवसर पर कृषि उपज मंडी पल्लेदार मजदूर यूनियन सीटू के अध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल अखिल भारतीय किसान सभा के जिला संयोजक हनुमान परिहार एसएफआई के जिला अध्यक्ष गोपाल शेखासर छात्रा जिला संयोजक कविता सिसोदिया भंवरलाल, भागीरथ,हबीब खोखर,उमेद कुमार, भुराराम, नानकराम,अशोक कुमार सुरजाराम,तिलोक कुमार उम्मेदाराम,खुशाल, दिनेश पन्नू, गणपत कुमार आदि उपस्थित रहे।

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