निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने गर्भवती महिलाओं से संवाद कर उन्हें नियमित प्रसव पूर्व जांच, संतुलित पोषण, समय पर टीकाकरण तथा संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गर्भवती महिला तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समयबद्ध रूप से पहुंचना सुनिश्चित किया जाए तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की सतत निगरानी एवं आवश्यक उपचार में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए।
सीएमएचओ प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांचें की गईं, जिनमें रक्तचाप, बीपी, ब्लड ग्रुप, एचआईवी टेस्ट, हीमोग्लोबिन, वजन आदि सहित अन्य प्रसव पूर्व परीक्षण शामिल रहे। साथ ही पोषण, मातृ स्वास्थ्य एवं नवजात शिशु की देखभाल से संबंधित आवश्यक परामर्श भी प्रदान किए जा रहे है।
कलक्टर ने कहा कि सभी गर्भवती महिलाएं नियमित रूप से प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच करवाकर उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं, जिससे सुरक्षित मातृत्व एवं स्वस्थ शिशु के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
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