फलोदी। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर द्वारा आऊ ब्लॉक के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एवं हिंदी विभाग के रिसर्च स्कॉलर सुनील कुमार को डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि से नवाजा गया है। उन्हें यह उपाधि विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के डॉ. भरत कुमार के निर्देशन में प्रदान की गई है। सुनील कुमार आऊ ब्लॉक में सीबीईओ के पद पर कार्यरत है। मूल रूप से झुंझुनू जिले की मंडावा तहसील के श्योपुरा निवासी सुनील कुमार ने शैक्षणिक उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने अपना यह शोध कार्य उत्तर -आधुनिकतावाद जैसे महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषय पर पूरा किया है। विभाग में प्रशासनिक दायित्वों का निर्वाहन करने के साथ ही साहित्य के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने पर शिक्षा जगत, शिक्षाविदों, विभागीय अधिकारियों, सहकर्मियों एवं गांव के गणमान्य नागरिकों ने खुशी व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी है। उनके इस शोध से हिंदी साहित्य एवं उत्तर- आधुनिक विमर्श को एक नई दिशा मिली है। सुनील कुमार ने अपने इस शोध के माध्यम से आधुनिकता एवं आधुनिकतावाद की विचारधारा के सभी मानवीय संकटों एवं उसके अंधेरे कोणों की पहचान करते हुए समकालीन उत्तर-आधुनिकता एवं उत्तर- आधुनिकतावाद की विचारधारा का जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सत्य स्वरूप स्थापित किया है। भारतीय समाज के संदर्भ में उत्तर-आधुनिक परिस्थितियों का तथ्यानुसंधान एवं तथ्याख्यान प्रस्तुत शोध प्रबंध की महत्वपूर्ण एवं मौलिक उपलब्धि रही है। इसके साथ ही उत्तर- आधुनिकता की प्रक्रिया भूमंडलीकरण को जीवन जगत के बाजारीकरण के रूप में स्थापित करते हुए उसे जीवन का अंत अथवा जीवन की मृत्यु (द डेथ ऑफ लाइफ) घोषित करना एवं उत्तर-आधुनिकता की विचारधारा को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पूर्व- स्थापित सत्ता एवं वर्चस्व से मुक्ति का विचार मानते हुए उसे मुक्ति के एक नए समाज शास्त्र अथवा मुक्ति शास्त्र के रूप में स्थापित करना प्रस्तुत शोध की उपलब्धियां रही है, जो आने वाले कई युगों तक जीवन के अंधेरे कोणों को प्रकाशित करती रहेगी।

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