अनाधिकृत रूप से परिवर्तित स्लीपर एवं लग्जरी बसों के विरुद्ध एक माह का विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान प्रारम्भ

 कार्यालय: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फलोदी

फलोदी। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फलोदी के अध्यक्ष श्री चक्रवर्ती महेचा(जिला एवं सेशन न्यायाधीश, फलोदी) के मार्गदर्शन तथा सचिव डॉ अजय कुमार विश्नोई के निर्देशन में जिले में ’’अनाधिकृत रूप से परिवर्तित स्लीपर एवं लग्जरी बसों के विरुद्ध विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान’’ संचालित किया जा रहा है।

हाल के वर्षों में राज्य एवं देश के विभिन्न भागों में स्लीपर एवं लग्जरी बसों से संबंधित अनेक गंभीर सड़क दुर्घटनाएँ सामने आई हैं। इन दुर्घटनाओं के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया है कि अनेक लग्जरी/स्लीपर बसों में निर्धारित मानकों के विपरीत अनधिकृत संरचनात्मक परिवर्तन किए जाते हैं, जिनके कारण यात्रियों की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित होती है। लक्जरी/स्लीपर बसों में अतिरिक्त बर्थ, संकीर्ण मार्ग, आपातकालीन निकास का अवरुद्ध होना, डिग्गी का अनधिकृत रूप से दो से तीन गुना विस्तार कर वाहन की मूल संरचना में परिवर्तन किया जाता है, जिससे सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होता है एवं दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है, अग्नि सुरक्षा उपकरणों का अभाव तथा निर्धारित तकनीकी मानकों की अवहेलना दुर्घटना की स्थिति में जनहानि को कई गुना बढ़ा देती है। इन्हीं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा संबंधित विभागों को प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए गए हैं।

इसी क्रम में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा ’’मोटरयान अधिनियम, 1988’’,’’एआईएस-119 (त्मअ.1)2016’’, राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 में जारी ’’मानक संचालन प्रक्रिया 2024)’’ तथा राज्य सरकार के अन्य दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पूरे प्रदेश में एक माह का विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करवाना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के ’’जीवन एवं सुरक्षित आवागमन के संवैधानिक अधिकार’’ की रक्षा करना भी है।

निरीक्षण के दौरान लग्जरी/स्लीपर बसों में किए गए अनधिकृत संरचनात्मक परिवर्तन, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास, बर्थ की संरचना, ग्लास ब्रेकर हैमर, यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही, तकनीकी मानकों तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जाएगा। यदि किसी वाहन में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित परिवहन एवं पुलिस विभाग द्वारा विधि के अनुसार वाहन की जब्ती, पंजीयन प्रमाण-पत्र के निलंबन अथवा निरस्तीकरण की संस्तुति, अभियोजन एवं अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

  सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ने बताया कि इस अभियान का मूल उद्देश्य दण्डात्मक कार्यवाही करना मात्र नहीं है, बल्कि परिवहन संचालकों में सुरक्षा मानकों के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना, यात्रियों के अनमोल जीवन की सुरक्षा करना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा सुरक्षित एवं मानक अनुरूप सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। 

 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फलोदी ने इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाने हेतु सभी संबंधित विभागों, परिवहन संचालकों एवं आम नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की है।


उपरोक्त अभियान के तहत आज दिनांक 3 अगस्त 2026 को सचिव डॉ अजय कुमार विश्नोई द्वारा जिला परिवहन विभाग फलोदी एवं ट्रैफिक पुलिस फलोदी के संयुक्त तत्वाधान में बसों का औचक निरीक्षण किया गया एवं वाहनों के दस्तावेज एवं अन्य मापदंडों को लेकर सघन जांच के तहत कार्रवाई की गई एवं 8 बसो का चालान किया गया एवं 2 बसों को जब्त किया गया।

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